काठमाण्डू, २० साओन : कृषि, वन तथा पर्यावरण मन्त्रालय नेपालक कृषि क्षेत्रकेँ आधुनिक, व्यावसायिक, प्रतिस्पर्धी तथा आत्मनिर्भर बनेबाक लक्ष्यसहित राष्ट्रिय कृषि नीति, २०८३ जारी केलक अइछ ।
सङ्घीय शासन प्रणालीअनुरूप तैयार कएल गेल उक्त नीतिमार्फत खाद्य सुरक्षा, खाद्य सम्प्रभुता, कृषकके आय अभिवृद्धि, कृषि उत्पादन वृद्धि, आयात प्रतिस्थापन तथा कृषि निर्यात प्रवर्द्धनकेँ मुख्य प्राथमिकतामे राखल गेल अइछ ।
कृषि, वन तथा पर्यावरणमन्त्री गिता चौधरी कृषि क्षेत्रक विद्यमान चुनौतीकेँ सम्बोधन करैत दीर्घकालीन आ उत्पादनमुखी कृषि प्रणाली निर्माण करबाक उद्देश्यसँ नीति आनल गेल बतौलैन ।
भूमि खण्डीकरण, पर्ती जग्गाके वृद्धि, सिँचाइ तथा भण्डारण पूर्वाधारके अभाव, युवा पलायन, जलवायु परिवर्तनके प्रभाव, न्यून उत्पादकत्व तथा बढ़ैत आयात निर्भरताजेहन समस्याके समाधानक लेल स्पष्ट नीतिगत व्यवस्था नीतिमे कएल गेल अइछ ।
आधारभूत खाद्यवस्तुमे आत्मनिर्भरता हासिल करबाक, कृषि व्यवसायीकरण तथा औद्योगिकीकरणकेँ प्रवर्द्धन करबाक, उत्पादनके ब्रान्डिङ क अन्तर्राष्ट्रिय बजार विस्तार करबाक सेहो नीतिमे उल्लेख अइछ ।
जैविक विविधताके संरक्षण करबाक, वातावरणमैत्री कृषि प्रणाली विकास करबाक तथा डिजिटल कृषि प्रविधि, स्थानीय ज्ञान आ नवप्रवर्तनकेँ कृषि विकाससँ जोड़बाक व्यवस्था नीतिमे अइछ ।
उत्पादन तथा उत्पादकत्व वृद्धि, समावेशी कृषि यान्त्रिकीकरण, भूमि संरक्षण तथा सदुपयोग, कृषि अनुसन्धान तथा प्रविधि विस्तार, न्यूनतम समर्थन मूल्य, कृषि बीमा, सहुलियतपूर्ण कृषि ऋण, खाद्य स्वच्छता तथा पोषण सुरक्षालगायत विषयकेँ नीतिमे प्राथमिकता देल गेल अइछ ।
कृषि बजार तथा उद्योग विकास, निजी क्षेत्र आ सहकारीके लगानी प्रवर्द्धन, माइटक स्वास्थ्य व्यवस्थापन, जलवायु अनुकूलन, कृषि तथ्याङ्क प्रणाली सुदृढीकरण तथा कृषिकेँ सम्मानित पेसाके रूपमे स्थापित करबाक विषयकेँ नीतिमे प्राथमिकता देल गेल अइछ ।
नीति कार्यावंयनक लेल सङ्घ, प्रदेश आ स्थानीय तह बीच प्रभावकारी समवंय, आवश्यक कानुनी तथा संस्थागत व्यवस्था, पर्याप्त वित्तीय स्रोत परिचालन, निजी क्षेत्रके सहभागिता तथा नियमित अनुगमन आ मूल्याङ्कनक व्यवस्था कएल गेल मन्त्रालय जनौलक अइछ ।
राष्ट्रिय कृषि नीति, २०८३ के प्रभावकारी कार्यावंयनसँ खाद्य आत्मनिर्भरता, रोजगारी सृजना, आयात प्रतिस्थापन, कृषि निर्यात अभिवृद्धि तथा समृद्ध राष्ट्रिय अर्थतन्त्र निर्माणमे महत्त्वपूर्ण योगदान पहुँचत से मन्त्रालयके अपेक्षा अइछ । (रासस)





